उत्तराखंड के धार्मिक स्थलों में शराबबंदी के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट का स्टे

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देहरादून सुप्रीम कोर्ट ने धार्मिक महत्व वाले क्षेत्रों में शराबबंदी के नैनीताल हाईकोर्ट के आठ दिसंबर के फैसले पर अंतरिम रोक (स्टे) लगा दी है। इस फैसले में एक अप्रैल, 2017 से उत्तराखंड में धार्मिक महत्व के तीन जिलों और ऋषिकेश में शराब बेचने और शराब के सेवन पर रोक लगाई गई थी। राज्य सरकार ने राजस्व घाटे को आधार बनाते हुए इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से अब रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी और देहरादून जनपद के ऋषिकेश में आज से शराबबंदी नहीं होगी।[ads1][ads1]

सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार की ओर से राज्य के एडीशनल एडवोकेट जनरल मुकेश गिरी ने मामले में पैरवी की। पूरे मामले को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश जेएस खेहर और न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने राज्य सरकार को राहत देते हुए हाईकोर्ट के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी।

इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को नोटिस जारी किया। बताया जा रहा है कि राज्य सरकार और आबकारी विभाग की ओर से राज्य की आर्थिक स्थिति और राजस्व में घाटे को आधार बनाया गया।

गौरतलब है कि आठ दिसंबर को हरिद्वार निवासी उदित नारायण तिवारी की एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट, नैनीताल के न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायाधीश आलोक सिंह की खंड पीठ ने चारधाम यात्रा से जुड़े तीन जिलों उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली में शराब बिक्री, शराब के सेवन और इस श्रेणी में आने वाली नशीली सामग्री की बिक्री पर एक अप्रैल से पूर्ण बंदी के आदेश दिए थे। [ads1][ads1]

इसके साथ ही ऋषिकेश और चारधाम यात्रा मार्ग पर भी शराब बिक्री की बात याचिका में कही गई थी। अदालत ने ऋषिकेश में शराबबंदी के फैसले के साथ ही नानकमत्ता साहिब, रीठा साहिब और हेमकुंड साहिब के पांच किलोमीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर भी पाबंदी लगाई थी।

खंडपीठ ने अपने आदेश में यह भी कहा था कि एक अप्रैल, 2017 से सरकार को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि शिक्षण संस्थानों, चिकित्सालयों और धार्मिक स्थलों से एक किलोमीटर के दायरे में शराब की दुकान नहीं खोली जाए।[ads1][ads1]

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इस आदेश पर अंतरिम रोक लग गई है। इसलिए आज, यानी एक अप्रैल से बंद होने वाली शराब की बिक्री अब बंद नहीं होगी। इस मामले में आबकारी सचिव सीएस नपलच्याल ने कहा कि स्टे मिलने से सरकार को राहत मिली है।

उन्होंने कहा कि इससे होने वाली लाभ-हानि का आंकलन बाद में किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि राजमार्गों से 500 मीटर दूरी की बाध्यता जारी रहेगी।

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