सुप्रीम कोर्ट का आदेश बना गले की फांस

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  राष्ट्रीय राज मार्गों से शराब के ठेके हटाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को अमली जामा पहनाना उत्तराखंड शासन के लिए टेढ़ी खीर हो गया है , 31 तारीख के बाद मौजूदा ठेके तो शासन ने बन्द करवा दिए लेकिन इन ठेकों के लिए नई जगह ढूंढे नही मिल रही , सिर्फ राजधानी देहरादून में ही 50 ऐसे शराब के ठेके हैं जिन्हें शिफ्ट किया जाना है लेकिन लोग इन ठेकों के विरोध में सड़क पर उतर आए हैं जिसके चलते शासन प्रशासन के सामने एक नई समस्या आन खड़ी हुई है ।

  उत्तराखंड में राष्ट्रीय राज मार्गों पर मौजूद शराब के ठेकों की संख्या 400 से ज्यादा है , जिन्हें 31 मार्च के बाद इन राजमार्गों से 500 मीटर अंदर शिफ़्ट किया जाना था , कोर्ट के आदेश को अमली जामा पहनाते हुए शासन ने इन ठेकों को बंद तो करवा दिया ,  लेकिन  अधिकांश जगहों पर सड़क से 500  मीटर दूर घनी आबादी है जँहा लोग इन ठेकों के विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं जिन्हें समझाना शासन प्रशासन के बूते से बाहर की बात है ।

 उत्तराखंड में  शराब राज्य की आमदनी का मुख्य जरिया है , राज्य की कुल आमदनी का एक बड़ा हिस्सा सिर्फ शराब की बिक्री से ही हासिल होता है , ऐसे में शराब के ठेकों के न खुलने से राज्य सरकार को हर रोज लाखों रुपये के राजस्व की चपत लग रही है । सूबे पर इस समय 45000  करोड़ रुपये का कर्ज है , बात सिर्फ यंही तक सीमित नही है बल्कि राज्य के नियमित खर्चों के चलाने के लिए भी शराब की बिक्री  से आने वाला राजस्व जरूरी है ऐसे में कैसे हालात पर काबू पाया जाए ये बात अभी ढ़कीअतियों की समझ से परे है ।

 वही डी एम देहरादून का कहना हे

 शासन प्रशासन जँहा राजस्व को लेकर चिंतित है वंही जनता के अपने मुद्दे हैं , शराब के चलते पहले से ही परेशान लोग खास कर महिलाएं ये नही चहाती की आबादी के आस पास इन शराब के ठेकों को शिफ्ट किया जाए , महिलाओं की चिंता भी वाजिब है दरअसल शराब के इन ठेकों के आबादी के पास खुलने से कानून व्यवस्था की नई समस्या खड़ी हो जाएगी , ओर महिलाएं यही सवाल उठा भी रही हैं जिसका कोई वाजिब जवाब अधिकारियों के पास नही है ।

साथ ही   स्थानीय निवासी रमा देवी का कहना हे कि

 सूबे में इस साल शराब के नए ठेके आवंटित नही किये जा सके हैं , शासन ने पिछले आवंटियों को ही 1 माह का अतिरिक्त समय दिया था लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के चलते ये ठेके बन्द पड़े हैं और नई जगह लोगों के विरोध के चलते ये ठेके खुल नही पा रहे हैं ।

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