सलमान ख़ान की ‘राधे’ ख़राब IMDb रेटिंग वाली अकेली फ़िल्म नहीं, दर्शकों की कसौटी पर अधिकतर फ़िल्में फेल

साल 2020 के मार्च महीने से भारत में कोरोना वायरस पैनडेमिक का कहर शुरू हुआ था, जो इस साल अभी तक जारी है। 2021 में तो इसका रूप और भी विकराल हो गया। सिनेमा उन व्यवसायों में शामिल है, जो इस पैनडेमिक की वजह से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। हालांकि, ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को इस दौरान फलने-फूलने का ख़ूब मौक़ा मिला। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती अहमियत को समझने के लिए यह तथ्य काफ़ी है कि पिछले एक साल में बॉलीवुड का तकरीबन हर बड़ा सितारा यहां उतर चुका है।

सिनेमाघर बंद होने की वजह से सितारों से सजी फ़िल्में भी अब ओटीटी प्लेटफॉर्म्स का रास्ता चुन रही हैं। मार्च 2020 से लेकर अब तक कई ऐसी फ़िल्में नेटफ्लिक्स, अमेज़न प्राइम, डिज़्नी प्लस हॉटस्टार या ज़ी5 पर आ चुकी हैं, जिन्हें सिनेमाघरों में रिलीज़ होना था और यह सिलसिला बदस्तूर जारी है। मगर, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज़ होने वाली फ़िल्मों की गुणवत्ता को लेकर एक बहस छिड़ी रहती है और इस बहस की वजह बनती है इन फ़िल्मों को ऑनलाइन मिलने वाली रेटिंग्स।

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