सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक जांचा जाएगा शैक्षिक स्तर

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देहरादून: सूबे के सभी सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों का शैक्षिक स्तर जांचा जाएगा। इस बारे में आदेश जारी करते हुए निदेशक (बेसिक शिक्षा) सीमा जौनसारी ने बताया कि 16 से 24 मार्च तक सूबे में सभी शासकीय और अशासकीय स्कूलों में अभियान चलाकर हर बच्चे के विषयवार शैक्षिक स्तर का आंकलन-मूल्यांकन किया जाएगा। अभियान का दूसरा चरण अक्टूबर में शुरू होगा। प्रदेश में लगभग सात लाख छात्र-छात्राएं इस दायरे में आएंगे।

बेसिक शिक्षा निदेशक सीमा जौनसारी के मुताबिक इस प्लानिंग का उद्देश्य पढ़ाई में कमजोर बच्चों को बेहतर बनाना है। इस अभियान को लेकर गढ़वाल व कुमाऊं परिक्षेत्रों के अपर निदेशकों को आदेश से अवगत करा दिया गया है। इसमें राज्य स्तरीय अधिकारी भी स्कूलों में जाकर जाच करेंगे। इसके साथ ही मंडलीय अपर निदेशक आकस्मिक तौर पर निरीक्षण करेंगे व अभियान के संबंध में निदेशालय को रिपोर्ट भेजेंगे। निदेशक के अनुसार आठवीं कक्षा तक किसी भी बच्चे को फेल न करने की नीति की वजह से हो रहे नुकसान को दूर करने के लिए इस तरह का अभियान प्लान किया गया है। फेल न करने की नीति से यह पता नहीं चल पाता कि संबंधित छात्र का मानसिक व बौद्धिक स्तर उस कक्षा के अनुसार है भी कि नहीं, जिसमें वह अध्ययनरत है।

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