सनियारा बुग्याल लौटी मां मनणी माई लोकजात यात्रा! कल पहुँचेगी रांसी गांव।

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मां मनणी माई लोकजात यात्रा में गये श्रद्धालुओं नें कल दोपहर उच्च हिमालयी क्षेत्र मनणी बुग्याल में स्थित मंदिर में पहले माता की पूजा अर्चना कर भोग लगाया गया और फिर नाना प्रकार के फूलों से सजाकर मंदिर के कपाट बंद कर दिये गये। देवी को पालसियों द्वारा (मेखली) भेडो की विशुद्ध ऊन से तैयार की गयी ऊन की चोली चढ़ाई गयी। जिसके बाद लोकजात्रा थौली बुग्याल रात्रि विश्राम हेतु लौटी। आज लोकजात्रा थौली बुग्याल से वापस सनियारा बुग्याल पहुँच गयी है। कल यह लोकजात्रा 5 दिनों के उपरांत रांसी गाँव वापस लौटेगी।
गौरतलब है कि रूद्रप्रयाग जनपद के मद्महेश्वर घाटी के रांसी गाँव से प्रतिवर्ष श्रावण मास में शुरू होने वाली इस यात्रा में मनणी तक 32 किमी0 की दूरी तय की जाती है। इस बार 24 जुलाई से शुरू हुई थी मनणी माई की लोकजात्रा। रांसी मंदिर के पुजारी रविंद्र भट्ट ने बताया की कल डोली सनियारा बुग्याल से रांसी गाँव लौटेगी। और श्रद्धालुओं को शुभ आशीष व प्रसाद देकर वापस मंदिर में विराजमान होगी। उन्होंने बताया की इस बार डोली को भगवती भट्ट ले गयें हैं। कल डोली के स्वागत के लिए दर्जनों गाँव के श्रद्धालु उपस्थित रहेंगे।

सोनू उनियाल जोशीमठ

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