शिक्षक भर्ती विज्ञप्ति में मानकों की अनदेखी का आरोप

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केंद्र सरकार के जनजाति कल्याण मंत्रालय की अनुदान पर संचालित होने वाले कन्या हाईस्कूल अशोक आश्रम चीलियो का विवाद समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है। कुछ माह पूर्व विद्यालय की प्रधानाचार्य सहित कुछ शिक्षिकाओं ने विद्यालय प्रबंधन पर वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाते हुए इसके खिलाफ आवाज उठाई थी। अप्रैल में प्रबंधन द्वारा प्रधानाचार्य सहित दो अन्य शिक्षिकाओं व दो कर्मियों को बिना कारण बताए बर्खास्त कर दिया गया। बर्खास्त शिक्षिकाओं सहित अन्य कर्मियों की रिक्ति को पूरा करने के लिए प्रबंधन ने शिक्षकों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया है। अब बर्खास्त प्रधानाचार्य ने विज्ञापन को लेकर विद्यालय प्रबंधन को कठघरे में खड़ा किया है। बर्खास्त प्रधानाचार्य का आरोप है कि प्रबंधन ने अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए विज्ञापन में मानकों की अनदेखी की है। सरकारी व गैर सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों के लिए बीएड व टीईटी की अनिवार्यता को दरकिनार रखते हुए प्रबंधन ने शिक्षकों की भर्ती के लिए संबंधित विषय में सिर्फ स्नातक या स्नातकोत्तर की उपाधि की अनिवार्यता ही रखी है। बताया कि अप्रशिक्षित शिक्षकों की भर्ती कर प्रबंधन अपने चहेतों को लाभ पहुंचाना चाहता है, जबकि इससे विद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं को गुणवत्तापरक शिक्षा मिलने की उम्मीद धूमिल हो गई है। उन्होंने इसकी शिकायत शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों के साथ ही शिक्षा मंत्री व केंद्रीय जनजाति कल्याण मंत्रालय से की है।

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