राष्ट्रीय प्रतिनिधि सम्मेलन: मिशन मोड में काम करने से होगा विकास: पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संसद के सेंट्रल हॉल आयोजित जनप्रतिनिध सम्मेलन के दौरान सांसदों और विधायकों को संबोधित करते हुए विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कही।  ‘वी फॉर डेवलपमेंट’ की थीम पर आधारित राष्ट्रीय सम्मेलन में पीएम ने कहा कि देश को मिशन मोड में काम करना होगा तभी विकास हो पाएगा। उन्होंने कहा कि देश में बैकवर्ड की स्पर्धा नहीं बल्कि फॉरवर्ड की स्पर्धा होनी चाहिए।

विकास के लिए जनभागीदारी है जरूरी

पीएम ने कहा कि ज्यादा उम्र के डीएम विकास में बाधक हैं। विकास के लिए पिछड़े जिलों की कमियों पर काम करना होगा। विकास के लिए अफसर और जनप्रतिनिधि को साथ आने का उन्होंने आह्वान किया। मोदी ने कहा कि विकास के लिए जनभागीदारी का होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि विकास के लिए युवा अफसरों को प्रोत्साहित करना होगा।

पहली बार 2014 में सेंट्रल हॉल में रखा कदम

पीएम मोदी ने कहा कि कभी इस सेंट्रल हॉल में महापुरूष बैठते थे। उन्होंने खुद पहली बार मई 2014 में इस हॉल के अंदर कदम रखा था। प्रधानमंत्री ने कहा कि बराबरी के लिए सभी जिलों का विकास होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि विकास के लिए खुद वे 115 जिलों के डीएम से बात की।

इस सम्मेलन का मकसद देशभर के सांसदों, विधान पार्षदों और विधायकों को अपने अनुभव साझा करने, अपने विचारों को रखने, एक दूसरे से सीखने और टिकाऊ विकास के लक्ष्यों के आलोक में विकास के मुद्दों पर नजरिया विकसित करने के लिए एक मंच प्रदान करना है।

लोकसभा सचिवालय ने हर राज्य की विधानसभा से छह विधायकों और विधान परिषद से तीन विधान पार्षदों को आमंत्रित किया है। लेकिन हाल ही में नई सरकार बनाने वाले राज्य त्रिपुरा, मेघालय व नागालैंड और तेलंगाना सम्मेलन में हिस्सा नहीं ले रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी इस सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे, और समापन सत्र में उप राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू और वित्तमंत्री अरुण जेटली भी शिरकत करेंगे। पिछले साल 2017 में पहला राष्ट्रीय सम्मेलन ‘वुमैन लेजिस्लेटर्स : बिल्डिंग रिसर्जेट इंडिया’ विषय पर आयोजित हुआ था।

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