मानसरोवर पार्कः सब्जी बेचने वाले से सुलझी 5 कत्ल की मिस्ट्री

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मानसरोवर पार्क की मर्डर मिस्ट्री सुलझाने के लिए दिल्ली पुलिस की टीमें प्रॉपर्टी विवाद में उलझी थीं और क्राइम ब्रांच ने लूटपाट के ऐंगल से भी जांच की थी, लेकिन घर के बाहर सब्जी बेचने आने वाले से ही जांच में नया मोड़ आया। बता दें कि जिंदल हाउस में 6 अक्टूबर की रात डकैती की वारदात को अंजाम देने के लिए बुजुर्ग महिला उर्मिला जिंदल के अलावा उनकी तीन बेटियों संगीता गुप्ता, नूपुर जिंदल और अंजली जिंदल के अलावा गार्ड राकेश की बेरहमी से गला रेतकर हत्या कर दी गई थी।

इधर, क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर विनय यादव ने एसआई दिनेश और हवा सिंह सहित अन्य पुलिस वालों के साथ कई बार मौके का मुआयना किया। जिंदल फैमिली के पुश्तैनी मकान के आसपास पुलिस वाले तैनात किए गए, जो हर आने जाने वाले पर नजर रख रहे थे। कई दिन बाद पता चला कि मकान के पास एक चाय वाला बैठता है। वहां पर हर रोज एक सब्जी वाला आकर रुकता था। गार्ड राकेश उससे सब्जी खरीदकर उर्मिला जिंदल को उनके बेडरूम में दिखाकर आता था। उर्मिला लंबे समय से बिस्तर पर ही थीं। इस क्लू से पुलिस को लगा कि जब गार्ड की एंट्री बेडरूम के अंदर तक थी तो इसका मलतब उसे फैमिली के बारे में अच्छी खासी जानकारी थी।

जब राकेश की कॉल डिटेल खंगालना शुरू की तो एक संदिग्ध नंबर हाथ लगा। उस नंबर के बारे में पता किया तो वह राकेश के दामाद विकास का निकला। विकास वारदात में शामिल दूसरे आरोपियों से भी लगातार संपर्क में था। हालांकि, विकास सहित आरोपियों ने वारदात वाली शाम को ही अपने मोबाइल फोन लोनी में स्विच ऑफ कर दिए थे। पुलिस को पता चला कि वह ससुर के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हुआ। वारदात के बाद वह 18 दिन तक अपनी ड्यूटी से भी गैरहाजिर रहा। इस तरह वह पुलिस की गिरफ्त में आ गया।

प्रॉपर्टी ऐंगल
पुलिस शुरुआत में प्रॉपर्टी ऐंगल से जांच कर रही थी। दरअसल, जिस घर में हत्या हुई थी उस 90 साल पुराने पुश्तैनी मकान में 40 लोगों का परिवार रहता था। जिंदल फैमिली के बाकी लोग हत्या के बाद परेशान थे, क्योंकि इस वारदात के बाद सबसे पहले इसी बिल्डिंग में रहने वाले लोगों पर शक था। पुलिस ने कई लोगों को पूछताछ के लिए भी बुलाया। दहशत की वजह से तीन परिवार अपना घर छोड़कर राम विहार, वैशाली और योजना विहार में किराये पर रहने लगे। उन्हें पुलिस की पूछताछ से तो छुटकारा मिला ही साथ ही मर्डर के पीछे प्रॉपर्टी ऐंगल भी पूरी तरह से खारिज हो गया।

इधर, क्राइम ब्रांच का कहना है कि शुरुआत में जांच प्रॉपर्टी के इर्द-गिर्द इसलिए थी, क्योंकि अगर मकसद लूटपाट करना होता तो वारदात के समय चारों महिलाओं ने कई लाख की जूलरी पहनी हुई थी और किसी ने उस जूलरी को छुआ तक नहीं था।

मामले में गिरफ्तारी
इस मर्डर केस में क्राइम ब्रांच ने दो फरार आरोपियों नितिन (30) और दीपक (30) को भी गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी मृतक गार्ड राकेश के बेटे अनुज के दोस्त हैं। पुलिस उनके पांच साथियों अनुज, विकास उर्फ विक्की, सन्नी, विकास और नीरज को पहले ही अरेस्ट कर चुकी है। सातों आरोपी 11 दिसंबर तक पुलिस रिमांड पर हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी आरोपियों से लूटी गई जूलरी और कैश बरामद किया जाना है। मामले में मृतक गार्ड की पत्नी कृष्णा को अभी तक क्लीन चिट नहीं दी गई है।

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