उत्तराखण्ड में अब पांचवीं और आठवीं के छात्र देंगे बोर्ड परीक्षा

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राज्य के सरकारी स्कूलों में कक्षा पांच और आठवीं में पढ़ रहे छात्रों की इस साल से बोर्ड परीक्षाएं होंगी। छात्रों का शैक्षिक स्तर सुधारने के लिए सरकार ने यह निर्णय लिया है।

सचिवालय में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इसी सत्र से पांचवीं और आठवीं में बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करने के निर्देश अधिकारियों को दे दिए गए हैं। अरविंद पांडे ने बताया कि एससीईआरटी (राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद) को पांचवीं और आठवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा के लिए प्रश्न पत्र प्रकाशित करने के निर्देश दे दिए गए हैं।

मंत्री-अफसर विभाग को देंगे एक दिन का वेतन: विभाग में प्रधानाचार्य से लेकर सभी अधिकारी और मंत्री एक दिन का वेतन शिक्षा विभाग के कोष में जमा कराएंगे। राज्य में यह व्यवस्था स्वैच्छिक स्तर पर लागू की जाएगी। शिक्षा मंत्री ने बताया कि वे अपने एक महीने का वेतन शिक्षा विभाग के कोष में जमा कराएंगे। इससे डेढ़ करोड़ की राशि जमा होने की उम्मीद है।

दो लाख छात्र होंगे परीक्षा में शामिल 

पांचवी और आठवीं की बोर्ड परीक्षा में राज्य के तकरीबन दो लाख छात्र शामिल होंगे। 2009 में शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से पहले पांचवीं और आठवीं में बोर्ड की परीक्षाएं होती थीं। लेकिन आरटीई में किसी को फेल न करने की नीति के तहत इस व्यवस्था को बदल दिया गया।

11वीं की पढ़ाई पहली अप्रैल से 

बैठक में निर्णय लिया गया कि 11वीं कक्षा की पढ़ाई पहली अप्रैल से शुरू की जाएगी। इसके साथ ही सचिव, अपर सचिव, शिक्षा अधिकारियों को ब्लाक आवंटित किए जाएंगे। ताकि वे नियमित रूप से स्कूलों की मॉनीटरिंग कर सकें। शिक्षकों का वेतन बायोमैट्रिक मशीन की उपस्थिति आख्या के आधार पर तैयार होगा।

छात्रों की परफार्मेंस पर मिलेगा प्रमोशन 

शिक्षा मंत्री ने बताया कि कक्षा एक से 12वीं तक के शिक्षकों को प्रमोशन और तैनाती अब छात्रों के प्रदर्शन के आधार पर होगी। अन्य सुविधाओं में भी छात्रों के प्रदर्शन को आधार बनाया जाएगा।

अब छुट्टियों में होंगे शिक्षक संघों के चुनाव  

राज्य में शिक्षक संघों के चुनाव अब पढ़ाई के दिनों में नहीं होंगे। सरकार ने चुनाव अवकाश के दिनों में कराने का निर्णय लिया है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि स्कूलों में 220 दिन की पढ़ाई अनिवार्य होगी। महापुरुषों की जयंती पर अवकाश नहीं होगा। इस दिन मूल पीरियड का समय कम कर एक अतिरिक्त पीरियड होगा। जिसमें महापुरुष के बारे में जानकारी दी जाएगी।

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