पलायन रोकने को कृषि उत्‍पादों के ब्रांड व पैकेजिंग पर फोकस

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‘सॉरी मां हमने कभी तुझे सुख नहीं दिया, इसलिए हम अब जा रहे हैं, और प्लीज हमें ढूंढ़ना मत, तेरे लिए अब हम मर चुके हैं… हमने गलत किया है, हो सके तो माफ कर देना हमें, आई लव यू मां…ऑके..सॉरी…बॉय…’ इस तरह लिखा पत्र अपने-अपने घर छोड़कर मंगलवार को तीन छात्राएं भाग निकलीं। हालांकि रेलवे स्टेशन पर वीआईपी ट्रेन में बिना रिजर्वेशन चढ़ने पर पुलिस को शक हुआ तो उन्हें पकड़ लिया। इसके बाद जीआरपी पुलिस ने पूछताछ की तो पूरा मामला खुलकर सामने आया।

एसओ जीआरपी दिनेश कुमार ने बताया कि मंगलवार को प्लेटफार्म संख्या तीन पर दिल्ली जाने के लिए खड़ी शताब्दी एक्सप्रेस में तीन छात्राएं घबराती हुई चढ़ीं। ट्रेन में बिना रिजर्वेशन चढ़ने का शक होने पर प्लेटफार्म ड्यूटी पर नियुक्त हेड कांस्टेबल राकेश सेमवाल ने महिला आरक्षी निर्मला और अनीता को साथ लेकर तीनों से पूछताछ की। पुलिस को सामने खड़ा देख तीनों छात्राएं घबरा गईं। ट्रेन में रिजर्वेशन नहीं होने पर पुलिस ने तीनों से जीआरपी थाने लाकर पूछताछ की। पुलिस पूछताछ में तीनों बताया कि वह अपने-अपने घर से स्कूल जाने के बहाने भागकर आई हैं।

तीनों ने बताया कि वह रोजगार की तलाश और अपने पैरों पर खड़ा होने की उम्म्मीद में अपने-अपने घर एक-एक चिट्ठी छोड़कर निकली थीं। पुलिस ने तीनों छात्राओं के परिजनों को थाना बुलाया और उनके सुपुर्द कर दिया। इस दौरान छात्राओं के घर से उनका छोड़ा गया पत्र भी बरामद हो गया। रायपुर थाना क्षेत्र निवासी तीनों छात्राओं में एक की उम्र 16 वर्ष जबकि दो उम्र 14 वर्ष है। पुलिस के अनुसार इनमें से दो बहनें हैं, जबकि एक उनकी सहेली है।

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