नोटबंदी के बाद 8,000 करोड़ की आमदनी एलआईसी की दादर शाखा में 50 करोड़ रुपये का बीमा, 

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मुंबई : सरकार की विमुद्रीकरण के तहत की गयी नोटबंदी के बाद न केवल देश के सरकारी और निजी बैंकों की आय में इजाफा हुआ है, बल्कि सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की भी आमदनी में बेतहाशा वृद्धि दर्ज की गयी है. नोटबंदी के बाद कालेधन को खपाने के लिए लोग बड़ी राशि की प्रीमियम पर तेजी से बीमा पॉलिसी खरीद रहे हैं. अभी हाल ही में मुंबई में रियल एस्टेट से जुड़े कारोबारी और बॉलीवुड के नामचीन एक्टरों ने बड़ी राशि के प्रीमियम की एलआईसी जीवन अक्षय पेंशन प्लान खरीदी है. अंग्रेजी के अखबार द टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित खबर के अनुसार, मुंबई में एलआईसी की दादर शाखा में करीब 50 करोड़ रुपये की जीवन अक्षय पेंशन प्लान के तहत पॉलिसी खरीदी गयी है. गौर करने वाली बात यह है कि नोटबंदी के बाद से ही नवंबर महीने में भारतीय जीवन बीमा निगम ने करीब 8,000 करोड़ रुपये की आमदनी की है.

द टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित समाचार के अनुसार, भारतीय जीवन बीमा निगम के मुंबई स्थित दादर शाखा में बीते बुधवार को जीवन अक्षय पेंशन पॉलिसी के तहत 50 करोड़ रुपये के प्रीमियम का बीमा कराया गया है. भारी-भरकम बीमा पॉलिसी किसी कंपनी के द्वारा नहीं बल्कि आम लोगों के द्वारा कराया गया है. इस शाखा में कई लोगों ने करोड़ों रुपये की पॉलिसी की खरीद की है. अखबार के अनुसार, बॉलीवुड के एक नामी एक्टर ने दो करोड़ रुपये की पॉलिसी खरीदी है, जिसमें उन्हें हर साल 15 लाख रुपये की सालाना किस्त का भुगतान करना है.

फिलहाल, एलआईसी ने इस शाखा से सोशल मीडिया पर लीक हुए इस मामले में स्पष्टीकरण देने की बात कही है. इसके साथ ही, नोटबंदी के बाद एलआईसी ने अभी हाल ही में अपनी इस पॉलिसी की ब्याज दरों की समीक्षा करते हुए 50 वर्ष की आयु वाले लोगों के लिए इसकी ब्याज दर में 0.5 फीसदी का इजाफा किया है. पहले इस प्लान पर एलआईसी की ओर से 7 फीसदी ब्याज दिया जाता था, लेकिन समीक्षा के बाद ब्याज दर को 7.5 फीसदी कर दिया गया है.

 अखबार लिखता है कि पिछले एक साल पहले जीवन अक्षय पेंशन पॉलिसी छोटी बचत योजनाओं की तुलना में अधिक लाभदायक नहीं थी. इसलिए नोटबंदी के बाद दिसंबर महीने में रिजर्व बैंक की ओर से नीतिगत ब्याज दरों में कटौती की संभावना के मद्देनजर देश के बैंकों ने भी अपनी दरों में कटौती करना शुरू कर दिया, क्योंकि उन्हें इस बात का डर था कि नोटबंदी के बाद कहीं उनकी जमाओं की गति में गिरावट न आ जाए. एलआईसी की जीवन अक्षय पेंशन स्कीम एक ऐसा सालाना प्रीमियम प्लान है, जो बीमाधारक को जीवन पर अन्य बॉन्डों की तरह जीवन भर एक निश्चित राशि उपलब्ध कराती है.

एलआईसी की प्रबंध निदेशक उषा सांगवान का कहना है कि जीवन बीमा निगम ने नवंबर महीने में प्रीमियम से करीब 8,000 करोड़ रुपये के राजस्व की वसूली की है. उन्होंन बताया कि हमने पहले ही एक महीने में 104 फीसदी तक की वृद्धि की है, लेकिन इस महीने के आखिर में हमने जीवन अक्षय के तहत करीब 70 फीसदी की वृद्धि की है.

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