देहरादून पुलिस का एक विशेष दस्ता ऐसा है जिसका नाम सुनकर ही दुर्दान्त अपराधियों के पसीने छूट जाते है।

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देहरादून: इस विशेष दस्ते का नाम है -SOG (SPECIAL OPERATION GROUP) और इसकी अगुवाई करते है युवा प्रेरणा स्रोत एक शेरदिल पुलिस अफसर श्री अशोक राठौड़ जी। एक परिचय – श्री अशोक राठौड़ (प्रभारी SOG देहरादून) अशोक जी का जन्म उधमसिंह नगर के एक छोटे से कस्बे बाजपुर में एक सम्मानित किसान परिवार में हुआ। अशोक जी ने विज्ञान में स्नातक की उपाधि अर्जित करने के पश्चात 2002 में उत्तराखंड पुलिस को अपना भविष्य चुना। आपके बड़े भाई शिक्षक और छोटे भाई श्री नरेश राठौड़ जी पुलिस अधिकारी है। दिसम्बर 2015 में अशोक जी को SOG की कमान सौंपी गयी और उसके पश्चात देहरादून में किस प्रकार कुख्यात अपराधियो पर नकेल कसी गयी यह किसी से छुपा नही। मात्र 14 माह के कार्यकाल में SOG देहरादून द्वारा 80 से अधिक घटनाओं का खुलासा कर समाज के दुश्मन कुख्यात अपराधियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा गया, इनमे से 37 ऐसी वारदात थी जिनमे सुराग लगा पाना भी असंभव था परंतु जिस प्रकार SOG ने कार्य किया उससे देहरादून की जनता का सीना फक्र से चौड़ा हो जाता है। देहरादून में अपराध पर जो अंकुश लगा उसका बहुत बड़ा श्रेय अशोक जी और उनकी SOG टीम को जाता है जिन्होंने सर पर कफ़न बाँध समाज के दुश्मनों से लड़ाई लड़ी। उत्तराखंड के शेर अशोक राठौड़ जी को समाज नमन करता है। मेरी पीड़ा – लोग अकसर मुझ पर पुलिस का पक्षधर होने का आरोप मढ़ते है शायद उन्हें मेरा पुलिस के सही कामो की प्रशंसा करना पसंद नही। शायद इस लिए भी मुझ पर यह आरोप लगते है कि मैं एक पुलिसकर्मी की संतान हूँ जिसने बहुत निकटता से पुलिसकर्मियों का जीवन देखा है। मुझे दुःख होता है जब समाज भ्रष्ट नेताओं का आभामंडल करता है पर समाज के असली रक्षकों पर संदेह की ऊँगली उठाता है। यह सत्य है कि सभी पुलिसकर्मी ईमानदार नही पर यह भी सत्य है कि 90% से भी अधिक पुलिसकर्मी बेईमान भी नही। जिस दिन समाज ने खादी को छोड़ खाकी पर विश्वास करना प्रारंभ कर दिया उस दिन यह देश बदल जाएगा। हर खाकीधारी भी एक इंसान है पर उसका कोई मानवाधिकार नही, वो प्रताड़ित होने पर भी अपना रोष व्यक्त नही कर सकता है, ना ही जीवन की हर सांस समाज के लिए जीने के बाद भी समाज उसे अपनाता है। समाज को वैसी की पुलिस मिलती है जैसा वो खुद है क्योंकि पुलिस समाज का केवल एक आइना मात्र है। मुझे गर्व है अपनी देव पुलिस पर जो इतनी प्रताड़ना झेलने के बाद भी समाज की रक्षा के लिए 24 घण्टे लड़ती है।

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