टेक्स्ट मैसेज ने पूरे किए 25 साल, ऐसे भेजा गया था दुनिया का पहला मैसेज

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आज स्मार्टफोन के जमाने में फेसबुक मैसेंजर, व्हॉट्सऐप चैटिंग, हाईक जैसे ढेरों ऐप मौजूद हैं। जिससे हमें हर सेकेंड नोटिफिकेशन मिलती है। शायद इसलिए इस दौर में हम उन टेक्स्ट मैसेजेस को भूल चुके हैं, जिनसे दुनिया में चैटिंग की शुरुआत हुई थी।

एक दौर ऐसा भी था, जब हमारे संदेश 140 कैरेक्टर की सीमा में सिमटे होते थे। लेकिन आज स्मार्टफोन जनरेशन के इस दौर में टेक्स्ट मैसेज इनबॉक्स पर तभी नजरें जातीं हैं, जब कोई OTP या ऑनलाइन डिलीवरी का मैसेज आता है।

आज हम टेक्स्ट मैसेज की बात इसलिए कर रहे हैं क्योंकि इस सर्विस ने अपना 25 सालों का सफर पूरा कर लिया है।

1992 में भेजा गया पहला Text Message

1992 में वोडाफोन में सॉफ्टवेयर इंजीनियर पद कार्यरत नील पैपवर्थ ने अपने सहकर्मी को पहला टेक्स्ट मैसेज भेजा था। इस पहले टेक्स्ट मैसेज में नील ने अपने सहकर्मी को ‘Merry Christmas’ लिख कर विश किया था।

शार्ट मैसेज सर्विस

टेक्स्ट मैसेज सर्विस कई साल प्रयोग होने के बाद जल्द ही शार्ट मैसेज सर्विस (SMS) में बदल गई। जिसके बाद से ही यह सुविधा लोगों के बीच बातचीत का मुख्य माध्यम बन गई।

टेक्स्ट मैसेज ने भाषा और ग्रामर के असली रूप को काफी प्रभवित किया क्योंकि मैसेज में वर्ड लिमिट कम होने से लोगों ने अपनी बात कहने का एक नया तरीका खोज निकाला है। यही बाद में शॉर्ट मैसेज सर्विस (SMS) नाम से प्रचलित हुआ।

मैसेज ने ऐसे बदली बातचीत की भाषा

नार्मल बातचीत के दौरान टेक्स्ट मैसेजे में ‘your’ वर्ड बन गया ‘ur’ और ‘you’ बन गया ‘u’। इसी तरह से कई छोटे-बड़े बदलावों से मैसेज सर्विस ने भाषा का एक बदला हुआ स्वरूप पेश किया। जिसके बाद आज यही छोटे-छोटे शब्द इमोजी में बदल चुके हैं, जो शब्दों के जगह यूजर्स की भावनाओं को बेहतरीन ढंग से प्रदर्शित करते हैं।
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