जवाबी कार्रवाई के दौरान 2017 में मारे गए कुल 138 पाकिस्‍तानी जवान

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नई दिल्‍ली  वर्ष 2017 में जम्‍मू कश्‍मीर के सीमा नियंत्रण रेखा के पास जवाबी कार्रवाई में भारतीय सेना ने कुल 138 पाकिस्तानी सैनिकों को ढेर कर दिया। इसके बावजूद पाकिस्‍तान की शुरू से यह नीति रही है कि वह अपने मारे जाने वाले जवानों की खबर सार्वजनिक नहीं करता है।सूत्रों के अनुसार, इस दौरान भारतीय सेना के 28 जवान शहीद भी हो गए। पाकिस्‍तान सेना आम तौर पर अपने सैनिकों की मौतों को नहीं दिखाती और कुछ मामलों में इसे अपने स्‍थानीय नागरिकों के मौत की तौर पर दिखाती है।बीएसएफ ने सितंबर 2017 में ‘ऑपरेशन अर्जुन’ चलाया जिसके तहत विशेष रूप से पाकिस्तान के पूर्व सैनिकों, आईएसआई और पाक रेंजर्स के अधिकारियों के आवास और खेतों को निशाना बनाया जो घुसपैठ और भारत विरोधी अभियान में मदद कर रहे थे। भारतीय कार्रवाई के बाद पाकिस्तानी रेंजर्स को फायरिंग रोकने की अपील करनी पड़ी। इसके अलावा हाल ही में बीएसएफ ने भी अपने एक जवान की शहादत का बदला 10-12 पाकिस्तानी रेंजरों को मार कर लिया थाआधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2017 में पाकिस्‍तानी सैनिकों द्वारा सीजफायर उल्‍लंघन की 860 घटनाएं हुई। ऐसा मालूम होता है कि पाकिस्‍तान आर्मी की यह पॉलिसी है कि वह अपने जवानों के मारे जाने की बात को स्‍वीकार नहीं करता है। उन्‍होंने कारगिल युद्ध का भी हवाला दिया जब भारत द्वारा सबूत दिए जाने के बावजूद पाकिस्‍तान ने अपने जवानों के मारे जाने की बात को स्‍वीकार नहीं किया।सूत्रों ने 25 दिसंबर को हुए घटना का हवाला दिया और बताया कि जम्‍मू कश्‍मीर में सीमा पार तीन पाक सैनिकों को मार गिराया। पाकिस्‍तान आर्मी ने उस दिन हुए मौतों को स्‍वीकार करते हुए ट्वीट किया लेकिन बाद में डिलीट कर दिया था। पाकिस्‍तान आर्मी के प्रवक्‍ता ने दो दिनों बाद इस रिपोर्ट को खारिज कर दिया कि भारतीय कमांडोज ने एलओसी पार पोस्‍ट को निशाने पर लिया और इसके तीन जवान मारे गए। खुफिया विभाग ने बताया, पिछले साल स्‍निपर फायरिंग में भारतीय सेना ने 27 पाक सैनिकों को मार गिराया जबकि एलओसी के पास ही पाकिस्‍तानी स्‍निपर फायरिंग में इसके सात जवान मारे गए।अपनी नीति के तहत भारतीय सेना ने आतंकियों को दी जाने वाली पाक के समर्थन को खत्‍म करने के लिए ऑपरेशन चलाया था। पिछले साल मई में भारतीय सेना ने कहा था, दो भारतीय सेनाओं का सिर धड़ से अलग कर देने की घटना के कुछ दिनों बाद एलओसी के करीब स्‍थित पाकिस्‍तानी पोस्‍ट को निशाने पर लिया गया था जिसमें कुछ नुकसान की भी खबर आयी थी।

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