चमोली : आपदा के 5 साल बाद फिर चल पड़ी उर्गम जल विद्युत परियोजना की टरबाइन

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जून 2013 की आपदा में बही उर्गम जल विद्युत परियोजना की टरबाइनें फिर चल पड़ी हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शुक्रवार को जोशीमठ के हेलंग में परियोजना का लोकार्पण किया। कल्पगंगा नदी पर तीन हजार किलोवाट की इस परियोजना का निर्माण उत्तराखंड जल विद्युत निगम (यूजेवीएन) ने किया है।

उत्तराखंड में आई 2013 की भीषण आपदा में उर्गम जल विद्युत परियोजना क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके पुनर्निर्माण के लिए उत्तराखंड सरकार ने 13.05 करोड़ की धनराशि उपलब्ध करायी थी। आपदा के दौरान आई बाढ़ से इस परियोजना का हैंड व्रक्स, पावर डक्ट, विद्युत गृह, टीआरसी और लगभग 100 मीटर शक्तिनहर क्षतिग्रस्त हो गयी थी। इस कारण उत्पादन बंद भी बंद हो गया था।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को पीपलकोटी से कार में हेलंग पहुंचे और उन्होंने अलकनंदा की सहायक कल्पगंगा नदी पर पुनर्निर्मित जल विद्युत परियोजना का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कल्पगंगा नदी पर बनी इस परियोजना को पर्वतीय क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर बताया। कहा कि इस परियोजना से उत्पादित विद्युत जहां भरकी, भेटा, उर्गम, चाई-थाई, सलना, जोशीमठ, बड़गांव सहित सीमावर्ती क्षेत्रों के लगभग 25 गांवों की विद्युत आपूर्ति में सुधार होगा। वहीं स्थानीय बेरोजगार युवकों को इस परियोजना से रोजगार मिलेगा। कहा कि प्रदेश में लघु जल विद्युत परियोजनाओं की आपार संभावनाएं हैं।

छोटी-छोटी जल विद्युत परियोजनाओं से जल शक्ति का पूरा सदुपयोग हो सकता है। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मण नेगी ने मुख्यमंत्री को कल्पेश्वर महादेव का प्रतीक चिह्न भी भेंट किया।  इस अवसर पर बदरीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट, भाजपा जिला अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल, नगर पालिका अध्यक्ष जोशीमठ रोहिणी रावत, ऊर्जा सचिव राधिका झा, जीएम विद्युत अजय पटेल, डीजीएम विद्युत सीएस राणा, ईई नवल कुमार चौधरी, हर्षबर्धन फोनिया, एई चंद्र प्रकाश आदि मौजूद थे।

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