क्यूबा के फिदेल कास्त्रो का 90 की उम्र में निधन, इंदिरा को मानते थे बड़ी बहन-

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युआनाहवाना. क्यूबा के पूर्व-राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो का 90 साल की उम्र में निधन हो गया। मौजूदा प्रेसिडेंट और फिदेल के भाई राउल कास्त्रो ने स्टेट टेलीविजन पर उनकी मौत की सूचना दी। पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह ने बताया था कि फिदेल, इंदिरा गांधी को अपनी बड़ी बहन मानते थे। इसी साल मार्च में बराक ओबामा ऐतिहासिक दौरे पर क्यूबा आए थे। 88 साल बाद ओबामा क्यूबा जाने वाले पहले प्रेसिडेंट थे। लेकिन फिर भी उनकी और फिदेल की मुलाकात नहीं हो पाई थी। बता दें कि 1960 से 2016 तक अमेरिका के 11 प्रेसिडेंट अमेरिकी विरोधी इस नेता को अपने फेवर में नहीं कर पाए थे। 1959 में सत्ता में आए थे फिदेल…
– 1959 में कास्त्रो, रेवोल्यूशन के जरिए अमेरिका सपोर्टेड फुल्गेंकियो बतिस्ता की तानाशाही को उखाड़ फेंक सत्ता में आए थे।
– उसके बाद वह क्यूबा के पीएम बन गए और 1976 तक इस पोस्ट पर रहे। कास्त्रो 1976 से 2008 तक क्यूबा के प्रेसिडेंट भी रहे।
– 1965 में ये क्यूबा की कम्युनिस्ट पार्टी के पहले सेक्रेटरी बने। इन्हीं के एडमिनिस्ट्रेशन में क्यूबा वन-पार्टी कम्युनिस्ट स्टेट बना।
कास्त्रो ने अराफात से कहा था- इंदिरा मेरी बड़ी बहन, मैं उसके लिए कुछ भी करूंगा
– फिदेल कास्त्रो 1983 में गुट निरपेक्ष समिट में शामिल होने दिल्ली आए थे।
– कांग्रेसी नेता नटवर सिंह ने द हिंदू अखबार में लिखे अपने आर्टीकल में लिखा था कि वे एक महान नेता ही नहीं थे बल्कि एक विचार थे।
– इस लेख में उन्होंने एक वाक्या का भी जिक्र किया। जिसमें बताया था- “मैंं दिल्ली समिट के वक्त उनसे (फिदेल) कई बार मिला था। समिट में फिदेल के अलावा यासिर अराफात भी शामिल हुए थे। समिट का सेशन शुरू होना था। सेशन को जार्डियन डेलिगेशन के बाद अराफात को शुरू करने को कहा गया था। इससे वे नाराज हो गए और अपमानित महसूस करने लगे। नौबत इस हद आ गई कि उन्होंने अपने एयरक्रॉफ्ट के क्रू को दिल्ली छोड़ने के लिए तैयार रहने तक को कह दिया था। मैंने फौरन इंदिरा गांधी को इस बारे में बताया। इसके बाद इंदिराजी ने कास्त्रो को विश्वास में लिया। वे कुछ ही देर में विज्ञान भवन आ गईं। साथ ही कास्त्रो को भी मैंने इसकी जानकारी दी। उन्होंने अराफत से विज्ञान भवन आने को कहा। तब मैंने देखा कि कैसे उन्होंने अराफात को हेंडल किया? अराफात भी तुरंत विज्ञान भवन आ गए। उनके बीच बातचीत होने लगी। अराफात ने कास्त्रो से पूछा कि क्या इंदिरा गांधी आपकी दोस्त है? कास्त्रो ने जवाब दिया-“दोस्त, दोस्त, वह मेरी बड़ी बहन है और मैं उसके लिए कुछ भी करूंगा।”
अमेरिका के 11 प्रेसिडेंट रहे नाकाम
आइजनहॉवर से लेकर ओबामा तक 11 यूएस प्रेसिडेंट हुए। लेकिन अमेरिका उन पर कभी हावी नहीं हाे पाया।
– फिर 88 साल में पहली बार ओबामा के तौर पर किसी यूएस प्रेसिडेंट ने क्यूबा का दौरा किया। लेकिन वहां उनकी कास्त्रो से मुलाकात नहीं हाे सकी।
634 बार हत्या की कोशिश
– फिदेल का दावा था कि 634 बार उनकी मौत की साजिश रची गई। ये साजिश मुख्य रूप से अमेरिकी सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) के द्वारा रची गई थी।
– उनका कहना था कि जान लेने के लिए जहरीली दवाओं, जहरीले सिगार, विस्फोटक और जहरीले पाउडर से लेकर तमाम तरह की चीजों का इस्तेमाल किया गया।
कैसे रहे हैं यूएस-क्यूबा के रिलेशन?
– 1960 के दशक में दोनों के बीच रिलेशन टूट गए। 1959 में कम्युनिस्ट रेवोल्यूशन के बाद अमेरिका ने क्यूबा पर बैन लगा दिया।
– इस बैन से अमेरिका को सालाना 1.2 बिलियन डॉलर नुकसान हुआ।
– 2014 में ओबामा ने दोनों देशों के बीच इकोनॉमिक और डिप्लोमेटिक रिलेशन सुधारने की बात कही।
– करीब एक साल तक कनाडा और वेटिकन में दोनों देशों के बीच खुफिया बातचीत हुई। खुद पोप फ्रांसिस इसमें इन्वॉल्व थे।
– बातचीत का मकसद क्यूबा से आतंक को बढ़ावा देने वाले देश का ठप्पा हटाना, क्यूबा में यूएस सिटिजन आने पर लगी रोक को हटाना और इकोनॉमिक बैन हटाना था।
– अगस्त 2015 में अमेरिका ने क्यूबा में अपनी एम्बेसी फिर से शुरू की।
– सितंबर 2015 में क्यूबा ने अमेरिका में एम्बेसी फिर शुरू की।
फिदेल से जुड़ी कुछ अहम तारीखें
– 1926: क्यूबा के साउथ-ईस्टर्न प्रॉविंस में जन्म हुआ।
– 1953: क्यूबा के अमेरिकी सपोर्टेड प्रेसिडेंट फुल्गेंकियो बतिस्ता के खिलाफ आवाज उठाई। बाद में इन्हें अरेस्ट कर लिया गया।
– 1955: एमनेस्टी डील के तहत जेल से रिहा।
– 1956: अर्जेंटीना के नेता चे ग्वेरा के साथ उस वक्त के क्यूवा के प्र्सिडेंट बतिस्ता सरकार के खिलाफ गुरिल्ला जंग छेड़ी।
– 1959: बतिस्ता को हराया और क्यूबा के पीएम बने।
– 1976: क्यूबा की नेशनल असेंबली ने प्रेसिडेंट चुना।
– 2008: बीमारी की वजह से प्रेसिडेंट पद छोड़ा और अपने भाई राउल कास्त्रो को सत्ता सौंप दी।
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