काले धन को किया गया सफेद, रसूखदारों के लिए रात में खुला बैंक

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नोएडा:नोटबंदी का फायदा उठाने के लिए शहर के कई बैंकों पर फर्जी तरीके से धन कुबेरों और रसूखदारों के पुराने नोट बदलने के आरोप लग रहे हैं। कमीशन के लालच में बैंक कर्मियों ने अपनी नौकरी भी दाव पर लगा दी। बीस से तीस फीसद कमिशन लेकर नोट बदलने की चर्चा है। इनमें एक बैंक नोएडा का है।

आरोप है कि बैंक प्रबंधक और अन्य कर्मचारियों ने रात में नौ बजे बैंक खोलकर एक धनकुबेर के 24 लाख रुपये के पुराने नोट बदलकर नए नोट दिए।

ग्रेटर नोएडा के पांच बैंकों पर भी इस तरह के आरोप लग रहे हैं। बताया जाता है कि ग्रेटर नोएडा के पांच निजी बैंकों ने करीब छह करोड़ रुपये धनकुबेरों का कमीशन लेकर बदला है।

जिलाधिकारी एनपी सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। एडीएम वित्त केशव कुमार व सिटी मजिस्ट्रेट नोएडा को जांच सौंपी गई है। तीन दिन के अंदर जांच रिपोर्ट देने को कहा गया है। डीएम ने कड़े शब्दों में कहा कि यदि आरोप सही पाए गए तो नोट बदलने वाले बैंक प्रबंधक व कर्मचारी सलाखों के पीछे जाएंगे। उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी।

दरअसल, नोटबंदी के आदेश के 27 दिन बाद भी बैंकों के बाहर लोगों की कतार कम नहीं हो रही है। ज्यादातर बैंकों पर आरोप लग रहे हैं कि वह पर्याप्त नकदी न होने का बहाना बनाकर लोगों को टरका रहे हैं। केंद्र सरकार ने एक सप्ताह में खाते से 24 हजार रुपये निकालने की सीमा तय की है, लेकिन बैंक प्रबंधक मात्र दो से चार हजार रुपये लोगों को दे रहे हैं।

लोगों का आरोप है कि बैंक प्रबंधक बचे नोटों को कमीशन लेकर बदल रहे हैं, इसलिए लोगों को कम पैसे दिए जा रहे हैं। खासकर निजी बैंकों पर इस तरह के आरोप अधिक लग रहे हैं। वहीं कालाधन खपाने के लिए धन कुबेर भी तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। रिश्तेदारों और गरीबों के जनधन खाते में पैसा जमा किया गया।

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