कर्नाटक और उत्तराखंड की मदद के लिए केंद्र ने खोल दिया खजाने का पिटारा

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मिली जानकारी के अनुसार, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद यह फैसला लिया है। इस बैठक में हर राज्य का दौरा करने वाली अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम की रिपोर्ट के आधार पर प्रस्ताव का सर्वेक्षण किया था। केंद्रीय टीम ने राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम व राष्ट्रीय आपदा राहत कोष से मिलने वाली सहायता पर मुहर लगायी।

इस बैठक में नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पानागरिया, गृह सचिव राजीव महर्षि व गृह मंत्रालय, वित्त मंत्रालय और कृषि मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक की अध्यक्षता राजनाथ सिंह ने ही की।

कर्नाटक सरकार ने राज्य में सूखा के कारण 2016 में खरीफ फसलों के नुकसान के लिए केंद्र से 4,702 करोड़ रुपये की मांग की थी। यहां पिछले 6 सालों से गंभीर तौर पर सूखा देखा जा रहा है। 2016-17 में तो यह पिछले 40 सालों का रिकार्ड पार कर गया। 176 में से 139 तालुक को सूखाग्रस्त घोषित किया गया।

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