उत्तराखंड में दो विधानसभा सीटों से चुनावी ताल ठोंक रहे हैं। मंत्री जी

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उत्तराखंड इन दिनों चुनावी तैयारियों में जुटा है। हर रोज नए-नए राजनीतिक समीकरण और राजनीतिक चुनौतियां भी देखने को मिल रही हैं। सत्ता में भागीदार पीडीएफ और कांग्रेस के रिश्तों को लेकर लम्बे समय से चर्चाएं जारी है। उत्तराखंड कांग्रेस संगठन पीडीएफ से अपनी स्थिति को साफ करने की बात करता रहा है तो अब पीडीएफ ने भी अपनी स्थिति को पूरी तरह से साफ करना शुरू कर दिया है यमनोत्री सीट से विधायक और कैबिनेट मंत्री प्रीतम पंवार ने यमनोत्री और धनोल्टी दोनों सीटों पर अपना दावा ठोका हे !
विधानसभा चुनाव में कांग्रेस में किसे टिकट मिलेगा ये हाईकमान तय करेगा पर उत्तराखंड कांग्रेस संगठन ने इतना तय कर लिया है कि पीडीएफ के लिए कांग्रेस कोई सीट नहीं छोड़ेगी। वहीं पीडीएफ के नेता एक-एक कर अपने विधानसभाओं में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर प्रचार में जुट गए हैं। उत्तराखंड कांग्रेस संगठन और पीडीफ के बीया। एक बार फिर से चुनावी रणनीति को लेकर दोनों में टकराव की स्थिति दिख रही है। पीडीएफ नेता और कैबिनेट मंत्री प्रीतम पंवार ने साफ तौर पर कहा हैच चुनावी समीकरणों को लेकर पिछले लम्बे समय से बयानबाजी का दौर जारी रहा। इस पूरे मामले में सीएम हरीश रावत और कांगे्रस हाईकमान ने दखल देकर बयानबाजी के दौर को खत्म करवा कि मैं निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनावी मैदान में हूं। कांग्रेस से इसको लेकर अभी तक कोई बातचीत नहीं हुुई है। मंत्री ने अपने तेवरों से ये जता दिया है कि पीडीएफ के सभी नेता अपने-अपने स्तर से चुनावी मैदान में उतर रहे हैं। कैबिनेट मंत्री दिनेश धने भी टिहरी विधानसभा सीट से ताल ठोंक रहे हैं। दिनेश धनै ने 2012 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय को पटखनी दी थी। कैबिनेट मंत्री प्रीतम पंवार ने इस बार धनोल्टी और यमनोत्री दो विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी शुरू कर दी है। हांलाकि वे 2012 में यमनोत्री विधानसभा सीट से वो विधायक चुने गए हैं और यमनोत्री सीट पर भी भी वो अपना दबदबा चाहते हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने साफ किया है कि इस बार के विस चुनाव में सभी 70 विस सीटों में पार्टी अपने सिंबल पर चुनाव लड़ाएगी। पीडीएफ का मामला हाईकमान के पास है। उत्तराखंड में इस पर सीएम हरीश रावत, कांग्रेेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ही कुछ निर्णय ले सकते हैं। हालांकि उन्होंने भी इस मामले को केंद्रीय चुनाव समिति तथा हाईकमान पर टाल दिया है। कांगे्रस प्रदेश में सभी 70 विस में कांग्रेस के सिंबल पर चुनाव लड़ेगी। पीडीएफ के लिए कोई भी सीट नहीं छोड़ी जाएगी। पार्टी सभी सीटों पर जिताऊ दावेदारों को टिकट देगी। इस समय राज्य में विकास को लेकर आम लोगों का जुड़ाव कांग्रेस की तरफ है तो वहीं मुख्यामंत्री के सलाहकार सुरेंद्र अग्रवाल की माने तो कैविनेट मंत्री प्रीतम पंवार को पूरा अधिकार है की वो अपनी सीट का चुनाव खुद करे
विधानसभा चुनाव को लेकर अभी धीरे-धीरे स्थितियों में बदलाव देखने को मिलेगा। हालांकि सभी दल चुनावी तैयारियों में जुटे हैं। हर कोई एक दूसरे की कमजोरी को अपना हथियार बनाना चाहता है। ऐसे में दिलचस्प बात होगी कि कौन किस पर और कहां पर भारी पड़ता है।

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