उत्तराखंड में अब 12वीं पास छात्र भी कर सकेंगे बीएड

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देहरादून: शिक्षा के बदलाव के दौर में अब बीएड दो साल की जगह चार साल करने की कवायद की जा रही है। इसके लिए नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) ने पब्लिक नोटिस भी जारी कर दिया है। राज्य में इस व्यवस्था को लागू करने से पूर्व सभी बीएड कॉलेजों को अपग्रेड किया जाएगा।

एनसीटीई के मुताबिक, 12वीं पास छात्र-छात्राएं बीएड चार वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स कर सकेंगे। अब छात्र बीए-बीएड, बीएससी-बीएड व बीकॉम-बीएड जैसे कोर्स में प्रवेश ले सकेंगे। बीएड कोर्स में हो रहे इस बदलाव के चलते एनसीटीई ने नए बीएड कॉलेज की मान्यता को लेकर सत्र 2019-20 में कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किए हैं। इस व्यवस्था को लागू करने से पहले राज्यों में अभी तक जो बीएड कॉलेज संचालित हो रहे हैं उन्हें अपग्रेड किया जाएगा।

प्रदेश में हैं 80 बीएड कॉलेज 

प्रदेश में वर्तमान में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विवि के अंतर्गत 40, श्रीदेव सुमन विवि के तहत 27 व सरकारी क्षेत्र के कुल एक दर्जन बीएड कॉलेज संचालित किए जा रहे हैं। जिसमें दो वर्षीय बीएड कोर्स संचालित हो रहा है।

बीएड कॉलेजों में कम होगी भीड़ 

बीएड में इस बदलाव के बाद स्टूडेंट की भीड़ बीएड कॉलेजों में कम होगी। शिक्षा से जुड़े जानकार बताते हैं कि इस बदलाव के बाद बीएड कॉलेजों में व्यवस्था बेहतर होंगे।

बीएड कॉलेज एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील अग्रवाल ने बताया कि एनसीटीई ने करीब तीन साल पहले बीएड चार वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स शुरू करने की पहल की थी। जिसे कुछ राज्यों ने लागू भी कर दिया लेकिन, उत्तराखंड में इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। चार वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स के लिए राज्य में बीएड कॉलेजों को अपग्रेड करने में करीब चार वर्ष का समय लगेगा। प्रदेश सरकार को चाहिए कि वे एनसीटीई की गाइडलाइन को समय रहते लागू करने में तत्परता दिखाए ताकि शिक्षा संस्थानों एवं छात्रों को नुकसान न हो।

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