इस शहर से हर महीने हो रही है 300 नेपाली युवतियों की मानव तस्करी

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Daughters of Darkness

धर्म नगरी को देह के तस्करों ने नेपाली युवतियों की मानव तस्करी का रास्ता बना दिया है. इस गिरोह से जुड़े इंटरनेशनल स्मगलर्स ने दिल्ली में हुई सख्ती के बाद वाराणसी को मानव तस्करी का रास्ता बना दिया है.

खुफिया एजेंसियों को वाराणसी के लाला बहादुर शास्त्री, बाबतपुर एयरपोर्ट से हर महीने 300 नेपाली युवतियों को खाड़ी देशों में भेजे जाने की जानकारी मिली है. इस मामले में छानबीन करने पर खुफिया एजेंसियों को चौंकाने वाली जानकारियां मिली हैं. नेपाल से आने वाली युवतियों का टिकट बाबतपुर से शारजाह का बनवाया जाता है. इनके पास भारत वापसी का भी टिकट होता है, जो दिल्ली का होता है. आश्चर्यजनक रूप से इन सभी नेपाली युवतियों के शारजाह पहुंचने के बाद रिटर्न टिकट कैंसिल करा दिया जाता है.

संदेह होने पर भी इस मामले में एजेंसियां, इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठा सकी हैं. इसका कारण है, इन युवतियों के सभी कागज़ दुरुस्त होना. खुफिया एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया कि जब इन युवतियों के कागजात चेक किए गए तो वे सभी दुरुस्त मिले. यहां तक कि इन युवतियों के पास 15 दिन बाद भारत वापस आने का टिकट भी मिला. लेकिन सभी का वापसी टिकट शारजाह पहुंचते ही कैंसिल करा दिया गया.

अधिकारी ने बताया कि नेपाल में भूकंप त्रासदी होने के बाद से वहां रोजगार का संकट आन खड़ा हुआ है. इसी का फायदा उठाकर इंटरनेशनल रैकेट के लोग नेपाली युवतियों को नौकरी के बहाने खाड़ी के देशों में ले जा रहे हैं. जहां ज्यादातर शेखों के यहां गुलाम बनकर रह रही हैं.

नेपाल में भूकंप आने के बाद पहले दिल्ली को मानव-तस्करी का रास्ता बनाया गया था. लेकिन वहां सख्ती शुरू हो गई और कुछ एजेंट्स को आरेस्ट भी किया गया. इसके बाद इस रैकेट ने अपना रास्ता बदल दिया. नेपाल से यह युवतियां गोरखपुर और रक्सौल बॉर्डर के जरिए वाराणसी पहुंचाई जाती हैं. इसके बाद इन्हें फ्लाइट से शारजाह भेजा जाता है. जहां से इन युवतियों को खाड़ी के अलग-अलग देशों में भेज दिया जाता है.

एयरपोर्ट सूत्रों की मानें तो बाबतपुर एयरपोर्ट पर रोजाना 8-10 नेपाली युवतियां आती हैं. इन युवतियों एक साथ कोई न कोई नेपाली युवक होता है. इन युवतियों के पास एक छोटा बैग होता है, जिसमें उनके जरूरी कागजात और कपड़े होते हैं. इन युवतियों को बॉर्डर से इनोवा गाड़ी में वाराणसी से लाया जाता है. यह भी जानकारी में आया है कि इन्हें बाबतपुर एयरपोर्ट पर तैनात एक सुरक्षाकर्मी रिसीव करता है और एयरपोर्ट के अंदर ले जाता है.

खुफिया एजेंसियों की मानें तो इस इंटरनेशनल रैकेट में देश के कई रसूखदार लोग और एविएशन से जुड़े कई लोग शामिल हो सकते हैं. कहा जा रहा है कि इस मामले में जांच के बाद कई चेहरे बेनकाब हो सकते हैं.

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