इस महिला के जनधन खाते में आए 99 करोड़

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मेरठ में बैंक की एक तकनीकी खामी ने मध्यमवर्गीय परिवार की महिला को कुछ समय के लिए करोड़पति बना दिया। महिला के खाते में अचानक से 99 करोड़ की भारी भरकम धनराशि आने से परिवार के लोगों की नींद उड़ गई है। महिला ने बैंक अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई न होने पर पीडि़ता के पति ने प्रधानमंत्री और आयकर विभाग को मेल पर सूचना दी।इस बाबत खाताधारक ने पीएमओ और बैंक की मुख्य शाखा को ईमेल भेजकर शिकायत दर्ज कराई है। मेरठ के माधवपुरम सेक्टर एक निवासी जिलेदार सिंह की पत्नी शीतल का यहां के शारदा रोड पर एसबीआइ की शाखा में जनधन खाता है। इस खाते में पहले गिनती के रुपये जमा थे। करीब एक हफ्ते पहले जिलेदार ने यस बैंक के एटीएम से खाते की जानकारी करने के लिए स्लिप निकाली।इसमें उसकी पत्नी के खाता संख्या 35060278080 में 999999394 धनराशि जमा दर्शाई गई। स्लिप देखते ही जिलेदार के होश उड़ गए। शीतल ने 2015 में शारदा रोड पर स्टेट बैंक की शाखा में जनधन अकाउंट खोला था। जीरो बैलेंस खाते में शीतल के 600 रुपये मात्र थे। 18 दिसंबर को शीतल जब बैलेंस चेक करने पहुंची तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गयी। उसके जनधन खाते में करीब 99 करोड़ 99 लाख रुपए आ गया। एक घरेलू महिला के खाते में इतनी बड़ी धनराशि आ जाने से उसकी रातों की नींद उड़ गयी।जिलेदार अपनी पत्नी शीतल के साथ बैंक शाखा पहुंचे। आरोप है कि उस समय बैंककर्मियों ने बाद में आने की बात कहते हुए दोनों को टरका दिया। बैंक के शाखा प्रबंधक से संपर्क करने का भी प्रयास किया गया, लेकिन फोन बंद मिला। एसबीआइ के एजीएम संजय सिंह चौहान ने कहा तकनीकी गड़बड़ी से ऐसा हुआ होगा। जांच कराई जाएगी।देश में पांच सौ तथा एक हजार रुपए के नोट बंद होने के बाद से जनधन खाता धारक के बैंक खातों में अचानक से पैसे बढऩे के कई मामले सामने आ रहे हैं। अब देखना यह होगा कि यह बैंक के सॉफ्टवेयर की गलती से हुआ है या किसी ने जान बूझकर महिला के जनधन अकाउंट में इतनी बड़ी राशि को जमा किया है। फिलहाल सम्बंधित विभाग के अधिकारी मामले की पड़ताल में जुटे है।आयकर विभाग ने अपनी अघोषित राशि दूसरों के बैंक खातों में जमा करवाने वालों को आगाह किया है. विभाग ने इस मामले में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बेनामी लेनदेन कानून के तहत आरोप लगाने का फैसला किया है, जिसमें जुर्माना व अधिकतम सात साल की कैद की सजा हो सकती है। सूत्रों ने कहा है कि विभाग ने 8 नवंबर के बाद अप्रचलित नोटों के संदिग्ध इस्तेमाल को लेकर 80 से अधिक सर्वे व लगभग 30 तलाशियां लीं, जिनमें 200 करोड़ रुपए से अधिक की अघोषित आय पकड़ी गई। कार्रवाई में 50 करोड़ रुपए की नकदी भी जब्त की गई है

 

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