यूट्यूब पर इन दिनों ‘पौड़ी-कु बैख’ नाम का गाना खूब पसंद किया जा रहा है.

यूट्यूब पर इन दिनों ‘पौड़ी-कु बैख’ नाम का गाना खूब पसंद किया जा रहा है. गाने में आवाज गढ़वाली सिंगर अभिनव रावत और पूजा उनियाल ने दी है. गीत लगांदी की अपार सफलता के बाद अभिनव रावत की नई खूबसूरत पेशकश है ‘पौड़ी कु बैख’  गाने को AbhinavRawat Official नाम के यू-ट्यूब चैनल पर डाला गया है. गाने में बड़ी खूबसूरती के साथ पहाड़ की दोनों संस्कृति गढ़वाली और कुमाऊंनी के मिलन को प्रदर्शित किया गया है. गाने में मुख्य केंद्र गढ़वाली पति और कुमाऊंनी पत्नी हैं जो अपनी जवानी के दिनों को याद करते हैं. गाने की खूबसूरती सिंगर अभिनव रावत की आवाज के साथ-साथ देवभूमी की गढ़वाली और कुमाऊनी संसकृति को व्यक्त करते बोल से और बढ़ जाती है. गाने के बोल रवींद्र रावत और रोहित डुकलान ने बड़े ही सुंदर तरीके से लिखे हैं. गाने की म्जूजिक दिए है गुंजन डंगवाल ने जो ढोल दमऊ की आवाज के साथ हमें पहाड़ के उन पुराने गानों की याद दिला देते हैं जो आज भी हर पहाड़ी घर में सुने जाते हैं. म्यूजिक की कंपोजिशन खुद सिंगर अभिनव रावत के साथ-साथ साश्वत पांडित और गुंजन डंगवाल ने किया है. गाने में ताल में शुभाश पांडेय और बांसुरी में अजय परसन्ना ने सुंदर काम किया है.

गाने की खास बात रही गाने का निर्देशन जो की रोहित डुकलान ने किया है. गढ़वाली और कुमाऊंनी पहनावे को खूबसूरत दिखाने की कोशिश भी कामयाब रही. गढ़वाली और कुमाऊंनी के मिश्रण को बड़ी सुंदर तरह से पेश करते हुए बहुत प्रभावशाली गाना बनाने की पूरी कोशिश की गई है. गाने में कलाकारों विनायक उपाध्याय, तनीशा नेगी, मोनिका रावत, बृस्पति उनियाल, बिशालमनि उनियाल ने भी सराहनीय काम किया है. गाने का शूट टिहरी के चोपड़िया गांव में किया गया है. जिसकी सुंदरता आपको वीडियो में भी दिख जाएगी.

ऐसे गीतों का आजकल के समय मैं बनना या सुनना मुश्किल है लेकिन ऐसे नौजवानों के रहते ऐसे गीत सुनना सम्भव है जो इन गीतों मैं अपनी उत्तराखंड की संस्कृति और ख़ूबसूरती को पिरोए हुए है. पूर्ण रूप से देखा जाए तो युवा पीढ़ी को पहाड़ी संसकृति से और गढ़वाली कुमाऊंनी रिश्ते से रूबरू कराने का सुंदर और खूबसूरत कोशिश की मिसाल है सिंगर अभिनव रावत का ‘पौड़ी-कु बैख’. रिमिक्स और डांस नंबर की तरफ खिंचे जा रहे युवाओं को ढोल-दमाऊ, बांसुरी और अपनी सुंदर पहाड़ी म्यूजिक के जरिए पुराने और खूबसूरत गानों से जोड़ने की अच्छी और सफल पहल का ही नतीजा है की गाने को दर्शकों का इतना प्यार मिल रहा है.

गाने को पेश करते हुए सिंगर अभिनव रावत लिखते हैं

‘पौड़ी कु नोनू कुमो की नोनी

गढवाली कुमाऊंनी रिस्तो को लेकर बना एक गीत , ‘पौडी कु बेख’. पुराने समय में गढ़वाल और कुमाऊँ के रिश्ते बहुत कम होते थे यहाँ तक कि एक जिले के दूसरे जिले में नहीं होते थे, ये गीत भी कुछ यही कहानी दिखाता है. एक लड़की जिसकी माँ पौडी में टीचर है और वो पौडी में किराया पर रह रही है उसी इलाके का एक लड़का उसे पसंद करता है पर लड़की को यहाँ पसंद नहीं, लड़का उसे समझाते है कि यहाँ भी सब कुछ वही है गढ़वाल कुमाऊँ की खूबसूरती एक जैसी है, घर वालों की रज़ामंदी से दोनों की शादी होती है, और 70 साल की उम्र में जब एक पूरानी तस्वीर पर नज़र पड़ती है तो उन्हें अपने पुराने दिन याद आ जाते हैं और इसी तरह उनको ख़ुशी है कि उन्होंने गढ़वाल कुमाऊँ का रिश्तों से जुड़ा भेद तोड़ दिया, बस इसी पूरी कहानी पर फिल्माया गया है ‘पौडी कु बेख’ अब रिश्ते होते हैं पर तब नहीं होते थे शायद एक कहानी ऐसी भी रही हो.’

यू-ट्यूब पर गाना सुनने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें.

LATEST UTTARAKHANDI SONG || PAURI KU BAIKH || ABHINAV RAWAT || GUNJAN DANGWAL

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