उत्तरकाशी में बादल फटा, कई घर तबाह, 18-20 लोग लापता

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उत्तरकाशी: उत्तराखंड में रविवार को लगातार हो रही बारिश से कई जगह नदियां उफान पर हैं। त्यूनी में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। वहीं उत्तरकाशी में मोरी प्रखंड में आराकोट बंगाण क्षेत्र में अतिवृष्टि के कारण भारी तबाही भी हुई है। दोनों ही जगह आपदा जैसे हालात से प्रशासन की टीम राहत कार्य में जुटी है। उत्तरकाशी में दो लोगों की मौत हो गई। चतर सिंह का मकान भूस्खलन के मलबे में दफन हो गया। इस घर में परिवार के पांच सदस्य मौजूद थे जिनका अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है

मोरी ब्लाक के आराकोट क्षेत्र में शनिवार देर रात बादल फटने से कई लोगों की मौत हो गई और दर्जनों मकान पानी के सैलाब में समा गए। क्षेत्र में अलग-अलग जगह 18 से 20 लोगों के बहने और मलबे में दबने की सूचना है, हालांकि इनमें से दो लोंगों के शव मिले हैं, प्रशासन ने अभी उन्हीं की मौत की पुष्टि की है।

दर्जनों संपर्क मार्ग व पुल बहने से सैकड़ों ग्रामीण अपने गांव-घरों में ही कैद हो गए हैं। पेयजल और बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त होने से मुश्किलें और बढ़ गई हैं। वहीं मौके पर भेजी गईं आपदा प्रबंधन टीमें संपर्क मार्ग कटे होने के कारण जगह-जगह फंसी हुई हैं, जिस कारण रविवार देर शाम तक राहत व बचाव कार्य शुरू नहीं हो पाया था।

जिले के मोरी ब्लाक के आराकोट क्षेत्र में शनिवार देर रात बादल फटने के बाद माकुड़ी गांव के गदेरे में आए उफान से कई मकान जमींदोज हो गए। निकटवर्ती मौंडा गांव निवासी आशीष चौहान ने बताया कि माकुड़ी में सरोजनी देवी पत्नी उपेंद्र सिंह के साथ ही एक अन्य भवन में चतर सिंह के परिवार के चार सदस्यों के मलबे में दबने की सूचना है। संपर्क नहीं होने के कारण इन लोगों का अभी तक कुछ पता नहीं चल पा रहा है।

उन्होंने बताया कि मौंडा में अव्वल सिंह, कौंर सिंह, रणवीर चौहान, मनीष चौहान, चमन सिंह चौहान, विशन सिंह, जोगेंद्र सिंह, जयपाल सिंह आदि के सेब के बागीचे तबाह होने के साथ ही मकान भी मलबे से खतरे की जद में आ गए हैं। मौंडा के निकट खक्वाड़ी, बलावट एवं झोटाड़ी गांव में भी भारी नुकसान हुआ है। चिवां गांव के आंद्री खड्ड में आए उफान से मोटर पुल के साथ ही एक ट्रक भी बह गया है।

कई लोग बहे

इन गांवों से नीचे टिकोची बाजार में मलबा घुसने से यहां राजकीय इंटर कालेज भवन के साथ ही एक दर्जन से ज्यादा आवासीय एवं व्यवसायिक भवन मलबे की भेंट चढ़ गए हैं। यहां सड़क पर खड़े कई वाहन भी उफान में बह गए। ग्रामीणों ने पहाड़ी की ओर भाग कर अपनी जान बचाई, लेकिन कुछ लोगों के बाढ़ में बहने या मलबे में दबने की आशंका जताई जा रही है।

आराकोट खड्ड में आए उफान से पाबर नदी का प्रवाह अवरुद्ध होने पर नदी का पानी आराकोट बाजार में घुस गया। यहां एक भवन में रह रहे राइंका आराकोट में प्रवक्ता बृजेंद्र कुमार (57), उनकी बेटी संगीता (25) और बेसिक स्कूल डगोली में तैनात शिक्षामित्र मोहन लाल की पत्नी सोमा देवी (38) मलबे में दब गईं। इनमें सोमा देवी का शव बरामद हो गया है। आराकोट में ही एक अन्य व्यक्ति का शव बरामद हुआ है। इसकी पहचान नेपाल मूल के कालूराम के रूप में हुई है।

यहां पाबर नदी में उफान से ईशाली गांव को जोड़ने वाला झूला पुल भी खतरे की जद में है। डगोली गांव निवासी सियाराम नौटियाल ने बताया कि डगोली गांव खतरे की जद में आने से ग्रामीण पहाड़ी पर शरण लिए हुए हैं। क्षेत्र में अतिवृष्टि से गाड़ गदेरों में भारी उफान आने से क्षेत्र में पाबर और टौंस नदी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इस स्थिति को देखते हुए देहरादून प्रशासन ने त्यूणी बाजार का नदी की ओर वाला हिस्सा खाली करा दिया है।

दर्जनों गांवों से संपर्क टूटा
क्षेत्र के माकुड़ी, चिवां, मौंडा, बलावट, खक्वाड़ी, टिकोची, आराकोट, डगोली, गोकुल, दुचाणू, मैंजणी, जागटा आदि गांवों को आने-जाने वाले संपर्क मार्ग भी नहीं बचे, जिससे सैकड़ों ग्रामीण अपने गांव में ही कैद होकर रह गए हैं। प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें इन गांवों तक पहुंचने के प्रयास में जुटी हुई है।

रास्ते में ही फंस गईं रेस्क्यू टीमें
आराकोट क्षेत्र तक पहुंचने वाली सड़कें जगह-जगह अवरुद्ध होने के कारण रविवार देर शाम तक भी प्रशासन एवं रेस्क्यू टीमें मौके तक नहीं पहुंच पाईं। आपदा की सूचना मिलते ही डीएम ने बड़कोट, पुरोला एवं मोरी से रेस्क्यू टीमों को आराकोट की ओर रवाना कर दिया था, लेकिन मोरी से 33 किमी आराकोट की ओर डार्मीगाड़ में एक लोडेड ट्रक के सड़क के बीच फंसने के कारण यहां करीब दो घंटे तक यातायात अवरुद्ध रहा। यहां से आगे पंद्राणू में सड़क अवरुद्ध होने के कारण देर शाम तक भी सभी टीमें यहीं फंसी रहीं। इस हाल में आपदाग्रस्त क्षेत्र में अभी तक राहत एवं बचाव कार्य शुरू नहीं हो पाए हैं।

मोरी के आराकोट क्षेत्र में अतिवृष्टि से काफी नुकसान की सूचना मिली है। जिले से राजस्व के साथ ही एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ की टीमें मौके लिए रवाना कर दी गई हैं। यह क्षेत्र हिमाचल प्रदेश से नजदीक होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य के लिए वहां के प्रशासन से भी संपर्क किया जा रहा है। आपदा में कई लोगों के लापता होने की सूचना मिल रही है। राजस्व की टीम मौके पर पहुंचने पर ही इनकी पुष्टि हो पाएगी। फिलहाल दो शव बरामद हुए हैं। आपदा के हालात को लेकर शासन को अवगत करा दिया गया है।
– डॉ.आशीष चौहान, जिलाधिकारी, उत्तरकाशी

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