रोजगार वर्ष में 24 हजार पद रहे रिक्त, सीएम त्रिवेन्द्र स्वयं ही मोर्चा संभालने के लिए विवश

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रोजगार वर्ष में 24 हजार रिक्त सरकारी पदों को भरने की सुस्त रफ्तार ने मुख्यमंत्री को स्वयं ही मोर्चा संभालने के लिए विवश कर दिया है। करीब आधा साल बीतने के बाद भी भर्ती प्रक्रिया में तेजी न आने पर शुक्रवार को सीएम ने सचिवों की क्लास ली और हर 10 दिन में भर्ती प्रक्रिया की प्रगति रिपोर्ट सचिव कार्मिक को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वहीं, भर्ती प्रक्रिया में देरी पर संबंधित विभागों के अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

शुक्रवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री ने दूसरी बार सचिवों और भर्ती आयोगों के अधिकारियों के साथ रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया की प्रगति की समीक्षा की। पूर्व में सरकार की ओर से विभागों को निर्देश देने के बावजूद भी भर्ती प्रक्रिया में प्रगति नहीं हुई। इस पर सीएम ने नाराजगी जताते हुए अफसरों की क्लास ली। उन्होंने विभागों में भर्ती के लिए संबंधित सचिवों की जिम्मेदारी तय करते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया में देरी पर संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने निर्देश दिए कि भर्ती प्रक्रिया की प्रगति की रिपोर्ट हर 10 दिन में सचिव कार्मिक को उपलब्ध करवाई जाए। सचिव कार्मिक सभी विभागों से प्राप्त रिपोर्ट को संकलित कर मुख्यमंत्री को प्रस्तुत करें। बैठक में मुख्यमंत्री ने रिक्त पदों व इन्हें भरने के लिए की गई कार्यवाई का पूरा विवरण उपलब्ध न करवाने वाले विभागों को फटकार लगाते हुए जल्द से जल्द निर्धारित प्रारूप में विवरण कार्मिक विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार रिक्त पदों पर जल्द से जल्द भर्ती करवाना चाहती है।

जिससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिले और कर्मचारियों के अभाव में विकास के कार्य बाधित न हों। इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। औपचारिकताओं को पूर्ण करने में अनावश्यक विलंब न किया जाए।

भर्ती प्रक्रिया की मॉनीटरिंग करेगी सचिवों की समिति

मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया की मॉनीटरिंग के लिए शासन स्तर पर समिति बनाने के निर्देश भी दिए। यह समिति विभागों में रिक्त पदों की स्थिति व इन्हें भरने के लिए की जा रही कार्यवाही की लगातार मॉनीटरिंग करेगी। कहा कि विभागों द्वारा भेजे जाने वाले भर्ती प्रस्ताव में कोई कमी न रहे। इसके लिए राज्य लोक सेवा आयोग व अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से समन्वय बनाकर कमियों को अविलंब दूर करना सुनिश्चित किया जाए। रिक्त पदों के भर्ती प्रस्ताव जल्द से जल्द आयोगों को भेजा जाए।

समान प्रकृति के पदों को एक साथ भरा जाए
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विभिन्न विभागों के समान प्रकृति के पदों को भरने की प्रक्रिया एक साथ संपन्न की जाए। इससे आवेदकों को बार-बार आवेदन करने से राहत मिलेगी। फील्ड कर्मचारियों की कमी को दूर करने को विशेष प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री ने राज्य लोक सेवा आयोग व अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से भर्ती प्रक्रिया में और तेजी लाने की अपेक्षा की। आयोग को इसके लिए संसाधनों की आवश्यकता होने पर शासन को अवगत कराया जाए।

नियमित भर्ती में संविदा पर कार्यरत कर्मियों को अधिमान
मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों में रिक्त पदों के सापेक्ष काम कर रहे उपनल, पीआरडी व अन्य संविदा कर्मियों का विवरण भी कार्मिक विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। लंबे समय से संविदा पर काम कर रहे कर्मियों को नियमित भर्ती में अधिमान दिया जाएगा।

आयोगों ने रखा भर्ती प्रक्रिया का ब्योरा
राज्य लोक सेवा आयोग  के अध्यक्ष आनंद सिंह रावत ने बताया कि वर्तमान में कोई भी भर्ती प्रस्ताव लंबित नहीं है। आयोग की ओर से उत्तराखंड सिविल सेवा जज की भर्ती प्रक्रिया दिसंबर 2019 और अर्थ एवं संख्याधिकारी एवं सहायक वन संरक्षक की भर्ती मार्च 2020 तक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष  एस राजू ने बताया कि आयोग में पांच हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इन पदों की भर्ती प्रक्रिया सात से आठ माह में पूरी की जाएगी।

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